
पशुपतिनाथ प्रबंध समिति की बैठक मंदिर सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रबंध समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि भगवान श्री पशुपतिनाथ की प्रतिमा पर वज्र लेपन के पश्चात सभी भक्तजन एवं अभिषेककर्ता जल आदि जलपात्र के माध्यम से भगवान को अर्पित कर सकेंगे।
आगामी महाशिवरात्रि पर्व के आयोजन, आरती मंडल की व्यवस्थाओं तथा भक्तजनों के लिए प्रसादी वितरण की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी संबंधित विभागों को पर्व के सफल आयोजन हेतु आवश्यक तैयारियाँ समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मंदिर के तीन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उपरांत श्रम कानून के अनुसार ग्रेच्युटी राशि के भुगतान का निर्णय लिया गया। साथ ही मंदिर कर्मचारियों को राज्य बीमा निगम (ESIC) का लाभ प्रदान करने तथा स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु सफाई मशीन क्रय करने की स्वीकृति प्रदान की गई। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए 10 मेटी रोल क्रय करने की अनुमति दी गई।
श्री पशुपतिनाथ लोक को प्लास्टिक मुक्त करने का सामूहिक निर्णय लिया गया। लोक परिसर में दुकानों के सुव्यवस्थित संचालन तथा धार्मिक सामग्री को प्राथमिकता से रखने के निर्देश दिए गए। तापेश्वर महादेव मंदिर में मार्बल बदलने के निर्देश दिए गए तथा इसके लिए निर्माण एजेंसी नियुक्त करने पर सहमति बनी।
महाशिवरात्रि पर्व के दौरान विभिन्न विभागों को निम्नानुसार जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं – पुलिस विभाग: सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। स्वास्थ्य विभाग: चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। नगर पालिका: साफ-सफाई, पेयजल, घाटों पर जाली लगाने एवं चूना लाइन की व्यवस्था करेगा। एमपीईबी विभाग: विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। पीडब्ल्यूडी विभाग: बेरीकेटिंग की व्यवस्था करेगा। होमगार्ड विभाग: गोताखोर एवं नदी सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।


