
छाया – राजेन्द्र भावसार
मंदसौर, मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर दुधाखेड़ी माताजी है, जो अपनी चमत्कारी शक्तियों, विशेषकर लकवाग्रस्त रोगियों को ठीक करने और असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए जानी जाती है। यह मंदिर जिला मुख्यालय मंदसौर से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

अनादिकाल से आद्य शक्ति के रूप में दुधाखेड़ी माँ के मंदिर के महत्व मालवा, मेवाड़ व हाड़ोती अंचल के सुदूर गाँव में सुप्रतिष्ठित है। मन्दसौर जिले के तहसील भानपुरा से गरोठ रोड पर 10 किलोमीटर दूर दुधाखेड़ी माताजी का यह दिव्य मंदिर स्थित है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। माताजी पंचमुखी रूप में विराजित है। प्रतिमा के सम्मुख अतिप्राचीन एक अखण्ड ज्योत प्रज्वलित है।

नौ रूप देखने को मिलते है
नवरात्रि के समय दुधाखेड़ी माताजी के नौ रूप देखने को मिलते हैं। रोज नये रूप मे माता जी अपने भक्तों को दर्शन देती है, मान्यता है कि यहाँ पर जब से मन्दिर बना है तब से एक अखण्ड जोत भी चल रही है।
हजारों श्रद्धालु धर्म लाभ प्राप्त करते हैं
दुधाखेड़ी माता जी का पहले प्राचीन मंदिर था जिसके स्थान पर भव्य नवीन मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है , यहाँ नवरात्रों के शुभ अवसर पर अध्यात्मिक एवं धार्मिक उत्सवों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, असंख्य भक्तजन परिवार सहित दर्शनार्थ पहुँचते हैं। यहां पर प्रत्येक रवीवार को भण्डारे का आयोजन होता है जिसमें हजारों भक्तजन लाभ लेते है।

हवाई मार्ग
मंदसौर जिले मे कोई भी एयरपोर्ट नही हैं, नजदीकी एयरपोर्ट उदयपुर और इंदौर हैं |
ट्रेन द्वारा
इस मंदिर तक पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन गरोठ रेलवे स्टेशन है, जो लगभग मंदिर से 25 किलोमीटर दूर स्थित है।







