आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों, उद्यमियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े सभी भागीदारों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित की जा रही आगामी स्टार्टअप इकोसिस्टम पहलों एवं आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए आग्रह किया है।
आयुक्त श्री कुमार ने कहा कि स्टार्टअप्स नवाचार-आधारित विकास, रोजगार सृजन एवं मूल्य निर्माण की रीढ़ हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और विकास के विभिन्न चरणों में कार्यरत संस्थापकों से आगे आकर राज्य के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश एक जीवंत, समावेशी एवं भविष्य-उन्मुख स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य एवं देशभर के स्टार्टअप्स से अपेक्षा की गई है कि वे सक्रिय रूप से सहभागिता करें, अपने नवाचारों का प्रदर्शन करें, उद्योग एवं सरकार के साथ सहयोग करें तथा मध्य प्रदेश में उपलब्ध नीतिगत एवं संस्थागत सहयोग का लाभ उठाएं।”
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के विज़न के अनुरूप स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग, वेंचर कैपिटल तक पहुंच, इनक्यूबेशन सहायता, पेटेंट सहयोग, बाजार तक पहुंच तथा रोजगार से जुड़े प्रोत्साहनों सहित व्यापक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ये प्रोत्साहन प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाएं, एग्रीबिजनेस, हरित ऊर्जा, हेल्थटेक, एडटेक एवं अन्य उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध हैं।
राज्य सरकारका प्रमुख आयोजनों, स्टार्टअप समिट्स, प्रदर्शनियों, निवेशक संवाद, मेंटरिंग सत्रों एवं नीति-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से स्टार्टअप्स को पूंजी, बाजार, मेंटर्स, कॉरपोरेट्स एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहन मिल सके।







